गेतलसूद में किसान मेला का उदघाटन
रांची,2फरवरी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मार्च 2018 तक राज्य के 32 हजार गांव में विकास समिति का गठन किया जाएगा। वैसे गांव जहां पर 50 प्रतिषत आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं वहां पर आदिवासी विकास समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही वैसे ग्रामीण क्षेत्र जहां पर गैर आदिवासी समुदाय के ज्यादा लोग रहते हैं वहां पर ग्राम विकास समिति का गठन किया जाएगा। इन विकास समिति के अध्यक्ष महिला ही बन सकेंगी। सचिव 18 वर्ष से 25 वर्ष तक के नौजवान युवक- युवती होंगे। राम कृष्ण मिषन आश्रम रांची, खूंटी एवं रामगढ़ जिले के चिन्हित 120 गांवों में विकास समिति गठन करने का काम करेगी। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बजट 2018-19 में गांव, गरीब और किसानों के समग्र विकास के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं पर ज्यादा फोकस किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत एवं समृद्धशाली बनाकर ही राज्य और देश को विकसित किया जा सकेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्धशाली बनाने हेतु कई नई योजनाओं का भी संचालन इस बजट के माध्यम से किया जाएगा। उक्त बातें आज रांची जिले के गेतलसूद (अनगड़ा) में आयोजित 40वां केंद्रीय श्रीरामकृष्ण किसान मेला में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कही। मेले में लगायी गयी स्टॉल का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गांव ,गरीब और किसान के विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रयास करने का काम किया है। राज्य में महिलाओं को सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए जोहार योजना चलाई जा रही है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु 1500 करोड़ रुपए की राशि बजट में निर्धारित की गई है। जोहार योजना के तहत सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली वैसी युवतियां जिन्हें किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी या अषिक्षित युवतियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। जोहार योजना के तहत सरकार द्वारा पशुपालन के क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को चार लाख रूपये तक का ऋण प्राप्त होगा। साथ ही इन महिलाओं के द्वारा उत्पादित किए गए उत्पादों को बाजार भी सरकार मुहैया कराएगी।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कृषि ,पशुपालन एवं वनोपज महत्वपूर्ण संसाधन है। देश का लगभग 40 प्रतिषत लाह का उत्पादन झारखंड में ही होता है। लाह एवं तसर उद्योग के क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर हैं। राज्य सरकार ने लाह बोर्ड का भी गठन किया है। राज्य सरकार द्वारा लघु उद्योग बोर्ड के माध्यम से किसानों द्वारा उत्पादित लाह को खरीदा जाएगा। झारखंड की माताएं-बहनें बहुत ही मेहनत और ईमानदार होती हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण कर इन्हें राज्य की शक्ति नहीं बल्कि राष्ट्र की शक्ति बनानी है। राज्य सरकार ने महिलाओं को सशक्त एवं समृद्ध बनाने हेतु 50 लाख से नीचे की सम्पत्ति की रजिस्ट्री में मात्र एक रूपये फीस का प्रावधान रखा है। बेटियों के लिए तेजस्वनी योजना भी राज्य में प्रारंभ की गई है। 500 करोड़ के बजट वाली इस योजना के तहत बेटियों को प्रशिक्षित कर उन्हें वस्त्र उद्योग, तसर उद्योग, हेण्डीक्राफ्ट इत्यादि के क्षेत्र में रोजगार से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 तक राज्य के सभी लोगों के चेहरे में मुस्कान लाना ही सरकार का लक्ष्य है। वर्ष 2022 तक माननीय प्रधानमंत्री की यह परिकल्पना है कि देश के सभी किसानों की आमदनी को दोगुना करना है। खेती-कृषि अपनाकर गरीबी समाप्त की जा सकती है। कृषि राज्य की आत्मा है। खेती से ही संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखा जा सकता है।कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का ठोस आधार भी है। रामकृष्ण मिशन आश्रम जैसे संस्थान कृषि के क्षेत्र में क्रांति ला सकेंगी। रामकृष्ण मिशन गांवों के समग्र विकास हेतु अपनी अहम भूमिका अदा कर रहा है। इस संस्थान के द्वारा किए जा रहे कार्य काफी प्रशंसनीय एवं सराहनीय हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आधुनिक खेती पर जोर दें। वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा दें और जैविक खाद का उपयोग कर अपने खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएं। मधु उत्पाद के क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस हेतु राज्य सरकार 300 मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण देने का काम कर रही है जो गांव-गांव में जाकर लोगों को प्रशिक्षित करेंगे। रामकृष्ण मिषन आश्रम संस्थान द्वारा आदिवासी एवं गैर आदिवासी सभी तरह के लोगों को प्रषिक्षण दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालन के क्षेत्र से जुड़ने वाले किसानों को सरकार द्वारा 30-30 हजार के बॉक्स मदद के तौर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्तमान समय में झारखंड में होने वाले तसर की मांग देश और दुनियां में देखी गई है। तसर की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तसर बोर्ड का गठन भी किया है। कच्चा माल भी देश और दुनियां में बेचा जा सकता है।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने केंद्र में अपनी जिम्मेवारी संभालने के साथ ही देश के करोड़ों आदिवासी, दलित, शोषित के जीवन में बदलाव लाने के प्रति अपना प्रतिबद्ध प्रयास दिखाया है। इन समुदायों के समग्र विकास से ही भारत विश्व गुरु बन सकेगा। स्वामी विवेकानंद का भारत बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले कैबिनेट की बैठक में राज्य में स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु प्रस्ताव का अनुमोदन किया जाएगा। आगामी कैबिनेट की बैठक नेतरहाट (लातेहार) में होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि एवं पषुपालन मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध प्रयास किया है। बजट 2018-19 में भी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कई नयी योजनाओं को लेकर आयी है। गांव के लोग गांव में ही विकास योजनाओं को बनाकर सरकार के विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर लागु करा पाएंगे। किसानों को अब कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन एवं पषुपालन के लिए भी ऋण उपलब्ध करायी जाएगी। सरकारी योजनाओं का लाभ किसान अवष्य लें। रामकृष्ण मिषन आश्रम द्वारा कृषि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं। इस संस्थान के द्वारा गांवों में विभिन्न प्रकार के प्रषिक्षण कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं। इसका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। खेती-कृषि के साथ-साथ किसान पषुपालन भी करें। पषुपालन से भी आय में वृद्धि होगी। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन में रामकृष्ण मिषन आश्रम के स्वामी भवेषानन्द महाराज ने संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाष डाला।
कार्यक्रम में खिजरी विधायक राम कुमार पाहन, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अविनाष कुमार, कृषि सचिव पूजा सिंघल, रामकृष्ण मिषन आश्रम के अन्य स्वामी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण लोग उपस्थित थे।