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विस से जीएसटी बिल को मिली मंजूरी
रांची,27अप्रैल। झारखंड विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र में आज झारखंड माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 को सदन ने पारित कर दिया।
विशेष सत्र में आज राज्य सरकार की ओर से झारखंड माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 को पेश करते हुए मंत्री सी.पी. सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की ॰ढ़ इच्छाशक्ति से संविधान संशोधन कर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लोकसभा और राज्यसभ से पारित कराया गया और अब इसे राज्यों की विधानसभा से पारित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेएसटी को आर्थिक क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। पूर्व में राज्य सरकार 10 तरह और केंद्र सरकार द्वारा आठ तरह का टैक्स लगाया जाता था, जिसका सारा भार अंततः उपभोक्ताओं को ही वहन करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि सदियों पहले ऋषि-मुनियों ने भी संग्रहण की विवेचना थी,जिसमें कहा गया है कि कर का स्वरुप इस प्रकार होना चाहिए, जिससे कर संग्रहण करने वाले और कर दाताओं को कोई कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ा। सीपी सिंह ने बताया कि कर निर्धारण के लिए केंद्र सरकार द्वारा कौंसिल का भी गठन किया गया है, जिसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल है। उन्होंने बताया कि गहन विचार-विमर्श के बाद टैक्स को न्यूनतम रखने का निर्णय लिया गया है, वहीं पेट्रोलियम पदार्थ समेत कुछ वस्तुओं को पांच वर्षां के लिए इससे मुक्त रखा गया है। उन्होंने बताया कि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि 20लाख वार्षिक टर्न-ओवर करने वाले लघु व्यवसायियों को निबंधन कराने की जरुरत नहीं है, वहीं 50लाख रुपये वार्षिक टर्न ओवर करने वाले व्यवसायियों को भी लाभ होगा।
इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इस नयी व्यवस्था से किसको लाभ होगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन राज्य सरकार अपनी पूरी शक्ति केंद्र को प्रदत्त करने जा रही है। उन्होंने बिल की कॉपी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की गंभीरता इसी बात से प्रतीत होती है कि एक दिन पूर्व सदस्यों को इस विधेयक की कॉपी दी गयी और इसकी छपाई में भी कई दोष है, पन्ने उल्टे-पुल्टे लगाये गये है। झामुमो के कई अन्य सदस्य विशेष सत्र में भी अपने पुराने मुद्दे सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन वापस लेने की मांग को लेकर शोर-शराबा करने लगे। हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन विधेयक को वापस ले, इसके लिए विपक्ष पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि जब अस्तित्व नहीं बचेगा, जो जीएसटी लागू होने से क्या फायदा। झामुमो के कई सदस्य वेल में आकर सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन को वापस लेने की मांग करने लगे। झामुमो के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी की ओर से विधेयक में संशोधन के दो प्रस्ताव भी दिये गये थे, विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे संशोधन प्रस्ताव को सभा पटल पर रखने को कहा, लेकिन शोर-शराबे के कारण स्टीफन मरांडी संशोधन प्रस्ताव को नहीं रख पाये। जिसके बाद सदन ने झारखंड माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
ढांचागत सुधार का एक समान लाभ प्राप्त हो सकेगाःस्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में कहा कि माल एवं सेवा कर विधेयक प्रारंभिक चरण में संसद के दोनों सदनों में उपस्थापित होने के बाद विभिन्न राज्य विधानमंडलों को प्राप्त हुआ था। कुछ दिन पूर्व उस पर हमलोगों ने भी अपनी सहमति दी थी यह विधेयक देश के विभिन्न विधान मंउलें से पारित होने के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए संसद के दोनों सदनों में रखा गया और सर्वसम्मति से स्वीकृत होने के बाद राष्ट्रपति की अनुमति से एक अधिनियम का स्वरुप ग्रहण कर चुका है। इस अधिनियम को 1 जुलाई 2017 से प्रभारी होना है। उन्होंने बताया कि सभी इस तव्य से अवगत है कि बिक्री कर संविधान की समवर्ती सूची के अधीन आता है, जिस पर देश व राज्य दोनों को कानून बनाने का समान अधिकार प्राप्त है। दोहने कर भार से बचने के लिए यह आवश्यक था कि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के अनुरुप राज्य में भी एकीकृत कर प्रणाली लागू हो, इसी परिप्रेक्ष्य में झारखंड माल एवं सेवा कर विधेयक को सभा में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधेयक के पारित हो जाने से झारखंड के लोगों को भी वस्तुओं व सेवाओं पर लगने वाले कर के ढांचागत सुधार का एक समान लाभ प्राप्त होगा।
सदन में दी गयी श्रद्धांजलि
विधेयक के पारित हो जाने के बाद शोक प्रस्ताव पर चर्चा शुरु होने पर वेल में आकर हंगामा कर रहे झामुमो विधायक अपनी सीट पर जाकर बैठ गये। विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने विगत सत्र लेकर अब तक की अवधि में कई महत्वपूर्ण राजनेता, समाजसेवी, सहित्यकार, कलाकार और देश की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को याद किया गया। उन्होंने रवि राय, अमूल्य सरदार, मोहन सिंह, पी. शिवशंकर,ई अहमद, वन बिहारी महतो, अल्तमस कबीर, सैय्यद शहाबुद्दीन, किशोर अमोनकर, नरसिंह बैठा, कर्नल निजामुद्दीन, डॉ. बालुन्दे शेखर तिवारी के अलावा विभिन्न सड़क हादसे में मारे गये लोगों, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में घात लगाकर नक्सलियों द्वारा किये गये हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान, सिमडेगा के बानो में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद थाना प्रभारी व जवान को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री रघुवर दास, नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन, आजसू पार्टी विधायक दल के नेता व मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, झाविमो के प्रकाश राम, जय भारत समानता पार्टी की गीता कोड़ा, बसपा के शिवपूजन मेहता, भाकपा-माले के राजकुमार यादव ने भी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और कुछ पलों का मौन रखने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिÜचतकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।
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