स्वागत के लिए झारखंडवासी तैयार
रांची,24मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 मई को सिन्दरी (धनबाद) में आयोजित कार्यक्रम में झारखण्ड को करीब 28हजार करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। वे देवघर में एम्स, पतरातु में मेगा सुपर पावर प्लांट, देवघर हवाईअड्डा और पाईपलाईन से रसोई गैस आपूर्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत करेंगे। इससे आने वाले वर्षां में झारखंड की तस्वीर बदल जाएगी।
पतरातु में 8 गुणा 800 मेगावाट सुपर थर्मल शिलान्यास
जिसमें सबसे बड़ी परियोजना सुपर थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला रखने का कार्यक्रम शामिल है। 8 गुणा 800 ( 800 मेगावाट वाली आठ इकाई) मेगावाट सुपर थर्मल प्लांट के पहले चरण में 3 गुणा 800 मेगावाट प्लांट की स्थापना होगी, द्वितीय चरण में 2 गुणा 800 मेगावाट प्लांट की स्थापना होगी। जेवीएनएल एवं एनटीपीसी पतरातु के द्वारा गठित संयुक्त उपक्रम, पतरातु उत्पादन निगम लिमिटेड के द्वारा इस 8गुणा800 मेगावाट सुपर थर्मल पावर प्लांट की स्थापना की जा रही है। प्रथम फेज से 2040 मेगावाट बिजली झारखंड और शेष केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को प्राप्त होगी। इस परियोजना में प्रथम फेज की कुल लागत 18668 करोड़ रुपये है, जबकि वर्ष 2021-22 तक प्रथम फेज के पूरा होने का लक्ष्य है। प्रथम चरण के लिए बनहरदी ब्लॉक आवंटित किया जा चुका है और भूमि आवंटन प्रथम चरण के 1234 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी गई है। वहीं द्वितीय चरण के लिए 625 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
1103करोड़ की लागत से एम्स
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत देवघर में एम्स की स्थापना की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए 1103 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी गयी है, वहीं राज्य सरकार की ओर से 237 एकड़ भूमि देवघर के देवीपुर अंचल में उपलब्ध कराई गई है। करीब 45 महीने (3वर्ष 9 महीने) में परियोजना को पूरी करने की योजना है।
देवघर स्थित रिम्स में 750 बेड और 20 सुपरस्पेसियालिटी विभाग तथा 15 ऑपरेशन थियेटर की स्थापना होगी, जिसमें 30 बेड आयुष अस्पताल भी साथ में क्रियाशील रहेगा। वहीं मेडिकल कॉलेज- 100 एमबीबीएस विद्य्नार्थी प्रति बैच पढ़ाई होगी। इसके अलावा नर्सिंग कॉलेज 60 बी.एससी.नर्सिंग विद्य्नार्थी प्रति बैच वाला होगा। एम्स की स्थापना से झारखण्ड तथा बिहार एवं प0 बंगाल के निकटवर्ती इलाके के लोगों को लाभ मिलेगा और चिकत्सकों एवं हेल्थ वर्कर का एक वृहत समूह उपलब्ध रहेगा। इसके लिए विद्य्नुत जलापूर्ति एवं फोरलेन सड़क व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है।
सिंदरी खाद कारखाना का पुनरुर्द्धार
हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड सिन्दरी इकाई का पुनर्रुद्धार करने की योजना है। इससे यूरिया के उत्पादन से देश की आवश्यकता के अनुरुप आत्मनिर्भता प्राप्त हो सकेगी, वहीं यूरिया उर्वक की मूल्य स्थिरता आएगी। जबकि इस संयत्र की स्थापना से रेलवे तथा सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा। इस परियोजना में फ्रांस की टेक् निक कंपनी द्वारा आधुनिक तथा सुरक्षा के सर्वोत्तम तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वहीं न्यूनतम विशिष्ट उर्जा की खपत एवं न्यूनतम प्रदूषण करने वाला संयत्र होगा। इसके लिए 695 एकड़ भूमि उपलब्ध है। परियोजना की लागत करीब 7000 करोड़ रुपये है और तीन वर्ष में परियोजना पूरी होगी। परियोजना पूरी होने के बाद से यहां से 12,70,500 एमटीपीए अमोनिया का वार्षिक उत्पद होगा, इसके अलावा 2200टीडीपी तथा नीम लेपि त यूरिया-3850टीडीपी का भी वार्षिक उत्पादन होगा, इससे 4000 लोगों को प्रत्यक्ष ओर 2500 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा।
देवघर में एयरपोर्ट के निर्माण का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 मई को एयरपोर्ट अथोरीटी ऑफ इण्डिया के द्वारा डीआरडीओ तथा झारखण्ड सरकार के सहयोग से देवघर एयरपोर्ट का निर्माण और विकास की परियोजना की भी आधारशिला रखेंगे। इसके लिए कुल 653.75 एकड़ उपलब्ध करा दी गयी है। परियोजना की कुल लागत 401.32करोड़ रुपये होगी और रनवे- 2500मीटर गुणा 45 मीटर होगा। वहीं दो एप्रन एरिया विकसित होगा, जिसमें ए 320एयरक्राफ्ट रखे जा सकेंगे। इसके अलावा कार पार्किंग सुविधा , कंट्रोल टावर, फायर स्टेशन और पर्यावरण अनुकूल डबल इन्सुलेटेड रुफ की व्यवस्था होगा। देवघर एयरपोर्ट के बन जाने से झारखण्ड का उत्तर पूर्व क्षेत्र, पश्चिम बंगाल का उत्तर-पश्चिम क्षेत्र तथा बिहार का दक्षिण पूर्व क्षेत्र का विकास होगा। इससे देश का महत्वपूर्ण तीर्थस्थल द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक तथा 51 शक्ति पीठ में एक बैद्य्ननाथ धाम तक देश तथा विदेश के सभी हिस्सों से लोग वायुमार्ग से पहुंच सकेंगे।
रांची शहरी क्षेत्र में पाईपलाईन गैस वितरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड दौरे के क्रम में रांची शहरी क्षेत्र में पाईपालाईन द्वारा गैस वितरण परियोजना का भी शिलान्यास करेंगे। इसके लिए कुल भूमि 5097 वर्ग कि0मी0 की जरुरत होगी, इससे करीब 30 लाख आबादी को फायदा मिलेगा। झारखंड में 3285करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को पूरा करने का निर्णयि लया गया है, जिसके 551 कि0मी0 पाइपलाईन बिछायी जाएगी, जिस पर 2840 करोड़ खर्च आएगा,रांची एवं जमशेदपुर पर क्रमश 225 एवं 240 करोड़ खर्च आएगा। अगले 5 वर्षों में 226 करोड़ तथा 25 वर्षों में 900 करोड़ खर्च होंगे, इससे 1000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और
डोमेस्टिक पीएनजी कनेक्शन (25 वर्षों में) 1 लाख 50 हजार लोगों को उपलब्ध कराये जाएंगे। जिसमें औद्य्नोगिक क्षेत्र में 150 उद्य्नोग को भी इसका लाभ मिलेगा,वहीं 500व्यवसायिक कनेक्शन दिए जाएंगे। 2018-19 में रांची में 5000 घरेलु कनेक्शन दिए जाएंगे। 2 हजार डोमेस्टिक पीएनजी कनेक्शन पर कार्य प्रारम्भ होगा। इसके अलावा रांची में सितम्बर 2018 तक 2 सीएनजी स्टेशन का निर्माण की भी योजना है।
झारखण्ड के रांची तथा पूर्वी सिंहभूम प्रक्षेत्र के 180 कि0मी0 पाइपलाईन बिछाई जाएगी तथा 445 करोड़ रु0 अगले 5 वर्षों में निवेश होगा। इससे विशेष लाभ- एफसीआई सिन्दरी, सेल बोकारो, सीसीएल रांची, जिन्दल स्टील पावर प्लांट होंगे। रांची तथा जमशेदपुर में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के द्वारा घरेलु कनेक्शन, भविष्य में बोकारो, हजारीबाग, धनबाद, रामगढ़ और गिरिडीह में भी पीएनजी गैस की सुविधा घरेलु उपभोक्ताओं को मिलेगी।
विस्थापितों को नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री के दौरे के क्रम में सीसीएल के विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के एवज में की जा रही नियुक्ति से संबंधित नियुक्ति पत्र का वितरण भी किया जाएगा। इसके तहत कोयला मंत्रालय के अन्तर्गत सीसीएल परियोजनाओं के लिए झारखण्ड के 8 जिलों में अधिग्रहित भूमि के एवज में प्रति 2 एकड़ की भूमि पर प्रभावित परिवार के एक व्यक्ति को कटेगरी 1 के पद पर कुल वेतन 26293रु. पर नियुक्ति की जा रही है। 6 माह के उपरांत 32864रु0 का भुगतान किया जाएगा।
सीसीएल के 100 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। दिसम्बर 2018 तक 1500 तथा 2020 में 2000 युवाओं को नियुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित है।
जन औषधि केन्द्र खोले जाने के लिए एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के अन्तर्गत झारखण्ड राज्य के विभिन्न जिलों में 250 नए जन औषधि केन्द्र खोले जाने के लिए झारखण्ड सरकार के स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग तथा भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग रसायन एवं उर्वक मंत्रालय के अंतर्गत गठित बीपीपीआई के बीच एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर होगा। इन केन्द्रों का संचालन तथा अनुश्रवण भी होगा। 2.50 लाख रु0 केन्द्रीय वित्तीय सहायता प्रति केन्द्र दी जाएगी। निःशुल्क स्थल उपलब्ध कराया जाएगा।