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तेजस्वी तो एक बहाना, नीतीश को भाजपा के पास जाना था-लालू प्रसाद
रांची,27जुलाई। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आज जोरदार प्रहार करते हुए उनकी जमकर आलोचना की। लालू प्रसाद ने कहा कि नीतीश कमार से बड़ा कोई दगाबाज नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी तो एक बहाना था, दरअसल नीतीश कुमार को भाजपा के पास जाना था। वे नीतीश कुमार के खिलाफ उच्चतम न्यायालय तक जाएंगे। राजद प्रमुख आज बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में उपस्थित होने के बाद रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
लालू प्रसाद ने अपने पुराने अंदाज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार में राज बेहतर नहीं चला, नीतीश कुमार ने शराबंदी का ढोंग किया, शराब की बिहार में आज होम डिलीवरी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शराब को एकाएक बंद करने के पहले उन्होंने नीतीश कुमार को सलाह दी थी कि इसे अचानक बंद नहीं करे, कई दिक्कतें आएगी लेकिन नीतीश कुमार ने उनकी नहीं सुनी, अब शराबबंदी से पुलिस मालामाल है।
लालू प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार ने कुछ वर्ष पहले पहले भाजपा को खाने पर बुलाकर उनके सामने से थाली खींच दी थी और अब भाजपा से हाथ मिलाने के लिए नीतीश कुमार ने ढोंग रचा। उन्होंने कहा कि इस्तीफा के बाद महागठबंधन का नया नेता क्यों नहीं चुना गया, आनन-फानन में भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बना ली। जबकि सबसे बड़े दल को राज्यपाल नहीं क्यों नहीं बुलाया, राजद विधानसभा में बहुमत साबित करता और अंत में राष्ट्रपति शासन का भी विकल्प था। उन्होंने जदयू विधयकों को बंद करके रखने का भी आरोप लगाया।
अपने अंदाज में लालू प्रसाद ने कहा कि बिहार के लोग राजनीतिक रूप से काफी जागरूक रहे है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता बापू के बाद बिहार से ही लोकनायक जयप्रकाश ने सारे देश को जोड़ने का काम किया, बाद में आपातकाल लागू हुआ, तब इंदिरा गांधी की पार्टी हारी, फिर उन जैसे नेताओं का जन्म संसदीय लोकतंत्र में हुआ। लोकनायक ने तब एकमात्र यूथ के रूप में उन्हें टिकट दिया था और वे कम उम्र में ही भारी मत से जीते, अभी उनकी उम्र 70साल हो गयी है, पटना विश्वविद्यालय का वे निर्वाचित अध्यक्ष रहे रहे है। उन्होंने बताया कि आपातकाल में वे जेल में बंद थे, लेकिन तब भाजपा के दो लोग माफी मांग कर जेल से छूटे। यह प्रमाण है, वे यह कहकर निकले की इंदिरा गांधी के 20सूत्री कार्यक्रम को लागू करेंगे।
राजद प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले अच्छे दिन लाने का ढोंग रचा गया, युवाओं ने अपने अभिभावकों को कहा कि वे मोदी को वोट दें, सभी को 15-15लाख रुपये मिलेंगे, लेकिन अमित शाह ने बाद में इसे जुमला कह दिया, लोगों को बेवकूफ बनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार के डीएनए में दोष है, फिर भी वे मोदी के साथ चले गये। लालू प्रसाद ने कहा कि वे सत्ता लोलुप नहीं है, 20 साल से मुकदमा ल़ड़ रहे है, निचली अदालत ने दोषी करार दिया, इसके नीतीश कुमार ही कारण है, उन्हें आनन-फानन में सजा दिलायी गयी थी, दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों ने उन्हें पांच वर्षां के लिए जनादेश दिया और नीतीश कुमार ने इस जनादेश का अपमान किया। लालू प्रसाद ने बताया कि नीतीश कुमार को उन्होंने ही मुख्यमंत्री बनाया, बिहार को स्पेशल स्टेटस दिलवाने का नीतीश कुमार ने ढोंग किया। नरेंद्र मोदी ने बिहार को पैकेज नहीं दिया, बस वादा करके रह गये।
राजद प्रमुख ने कहा कि बिहार में भाजपा के खिलाफ उन्हें वोट मिला था, बिहार की जनता ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह को खाली हाथ लौटाने का काम किया, तब नीतीश कुमार ने कहा कि वे मिलट्टी में मिल जाएंगे, लेकिन भाजपा के साथ नहीं जाएंगे, नीतीश प्रचार करवाते थे कि वे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार है, उनकी छवि अच्छी है, जब-लब दुष्प्रचार हुआ, उन्होंने नीतीश कुमार को टीका लगाकर कहा, जाओ राज करो। 80 विधायकां ने तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री के लिए चुना और उन्हांने पहले ही कह दिया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे।
राजद प्रमुख ने कहा कि नीतीश कुमार जब महागठबंधन की बात करने आये थे, तब उनसे बात करने की इच्छा नहीं थी, वे नीतीश कुमार की कई व्यक्तिगत बातें भी जानते है, लेकिन इसे यहां कहना अच्छा नहीं होंगे। नीतीश कुमार ने कहा था कि अब युवा सत्ता संभालेंगे, वे शंकर बाबा की तरह रहे और नीतीश कुमार भस्मासुर निकले। उन्होंने यह भी दावा किया कि तेजस्वी ने कोई घपला नहीं किया, उनके खिलाफ कोई साक्ष्य भी नहीं है, यदि विरोधियों के पास से कोई सबूत है, तो उसे पेश करे। लालू प्रसाद ने कहा कि उनका आधार काफी मजबूत है, इसे हिलाया-डुलाया नहीं जा सकता, अधिक सीटें आने पर भी उन्होंने कुर्बानी दी, लेकिन नीतीश कुमार ने छल किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने भाजपा से मिलकर सीबीआई और ईडी का केस करवाया, इसके लिए नीतीश ने सुशील मोदी को फिक्स किया था, उनपर लगाये गये 30 हजार करोड़ की संपत्ति का अर्जित करने का आरोप पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार अक्सर नरेंद्र मोदी के साथ भोज करते थे , अमित शाह से फार्म हाउस में मिले थे, एक अखबार ने छापा तो नीतीश कुमार उससे नाराज हो गये। उन्होंने आरोप लगाया कि आज मीडिया को कॉरपोरेट घराने चला रहे है। उन्होंने कहा कि अमित शाह मीडिया के सुपर एडिटर है, वे जो चाहते है, वही छपता है। इसमें रिपोर्टरों का इसमें कोई दोष नहीं है। एडिटर भी कुछ नहीं कर सकते। सब बिजनेसमैन मालिक कर रहे हैं। मीडिया लोकतंत्र का स्तंभ हो और हमलोग आपकी आजादी के लिए लड़ते हैं। योगी ने यूपी में पत्रकारों पर लाठी चलवाई। उनका खाना छीना। लेकिन किसी मीडिया ने कुछ नहीं दिखाया। लेकिन लालू प्रसाद बस किसी को कुर्सी से उठा दें, तो यह आरोप लग जाता है कि लालू मारता है।
उन्हांने कहा कि जनता में छवि खराब करने के लिए उनके 22 ठिकानों पर छापामारी की गयी, जबकि वे उस समय रांची में थे, छापे में कुछ नहीं मिला, इसे किसी ने नहीं बताया। मीडिया के जिन लोगों को वे अच्छा समझते थे, उनलोगों ने उनकी सुपारी ले रखी है। राजद प्रमुख ने कहा कि दुनिया में अमेरिका सबसे बड़ा लोकतांत्रित देश है, वहां मीडिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ है, उससे लड़ रहा है और अपने देश में मीडिया विपक्ष से लड़ रहा है।
लालू प्रसाद ने बताया कि वे पिछली बार रांची सीबीआई कोर्ट में पेशी के लिए आये थे, कोर्ट में बेंच पर बैठे थे, उसी समय नीतीश का फोन आया और पूछा था कि तेजस्वी के मामले में क्या बात है। तब उन्होंने नीतीश कुमार को बता दिया था कि तेजस्वी माइनर था, उस पर जाली केस हुआ है। इसके बाद तेजस्वी को भी नीतीश के पास बातचीत के लिए भेजा, लेकिन तब नीतीश कुमार ने उनसे कहा था कि उन्होंने इस्तीफा नहीं मांगा है, प्रेस वाले इस खबर को चला रहे है, चलाने दीजिये।
उन्होंने बताया कि जब बिहार में राज्यपाल को बुलाया गया, तो उनके कान खड़े हो गये। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय में जाने की तैयारी कर रहे है, देश के प्रसिद्ध अधिवक्ता राम जेठमलानी से बातचीत कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश पर भी 302 का मुकदमा दर्ज है, उनपर संज्ञान लिया जा चुका है,ऐसे में वे बेदाग कैसे हुए। पूरे मामले की जानकारी और कागजात उनके पास है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती पर समेत कई नेताओं पर प्राथमिकी दर्ज, उनसे क्यों नहीं इस्तीफे मांगे जा रहे है।
उन्होंने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती को एक मंच पर लाएंगे, साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी बिहार में राजद की ओर से आयेजित होने वाली रैली में आमंत्रित किया जाएगा।
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