Latest News
टीकाकरण के कारण चार बच्चों की मौत,चार अन्य की स्थिति नाजुक
रांची,8अप्रैल। झारखंड के पलामू जिले के पाटन प्रखंड के लोईंगा गांव के चार बच्चों की मौत टीकाकरण के कारण हो गयी, जबकि गांव के ही चार अन्य बच्चों की स्थिति काफी नाजुक बतायी जा रही है। सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्त्ती कराया गया है। वहीं बच्चों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने एएनएम को बंधक बना लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को लोईंगा गांव के स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों को डीपीटी और मिजिल्स का टीका लगाया गया है। लेकिन घर लाने के बाद से ही बच्चों की तबीयत खराब होने लगी थी और बच्चे उल्टी तथा दस्त से पीड़ित हो गये और रविवार सुबह तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया। तीनों मृतक बच्चे अलग-अलग परिवार के है। परिजन मौत का कारण टीकाकरण ही बता रहे है। मृतकों में उपेंद्र ठाकुर का डेढ़ वर्षीय पुत्र उज्ज्वल कुमार, संतोष यादव की बच्ची संजू कुमारी और धीरेंद्र भुईंया के डेढ़ वर्षीय बच्चे आर्यन कुमार शामिल है। जबकि दोपहर बाद आयुष नामक चौथे बच्चे की भी मौत इलाज के क्रम में हो गयी।
बच्चों की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लोइंगा स्वास्थ्य केंद्र के एएनएम को बंधक भी बना लिया। परिजनों का आरोप है कि टीकाकरण से ही बच्चों की मौत हुई है। हालांकि स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम द्रौपदी पांडेय का कहना हैं कि टीकाकरण से बच्चों की मौत नहीं हु है, बल्कि को बीमारी से मौत हुई है। दूसरी तरफ लोइंगा गांव के ही एक दूसरे टोले के भी पांच बच्चे की और हालत गंभीर है । टीकाकरण के बाद बच्चों की मौत होने पर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी और जांच करने की मांग की कर रहे हैं।
बताया गया है कि घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और एएनएम द्रोपदी पांडेय और उनके पति को बंधक बना लिया है। चार घंटे तक सड़क जाम रखी।
बुखार और दस्त के बाद बिगड़ी स्थिति
जानकारी के अनुसार एक दिन पूर्व लोइंगा उपस्वास्थ्य केन्द्र में गांव के आठ मासूमों को डीपीटी का टीका लगाया गया था। शनिवार की रात बच्चों को दस्त हुआ और बुखार भी लगा। उनके परिजनों को लगा कि अमूमन टीका लगाए जाने के बाद बच्चों को बुखार आता है। इसलिए उन्होंने इसपर को ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे उनकी स्थिति बिगड़ने लगी तो परिजन परेशान हो गए। आनन-फानन में पहले लोइंगा स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाया गया, बाद में किशुनपुर स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज कराया गया, लेकिन एक-एक करके तीन की मौत हो गयी, जबकि पांच गंभीर हो गए। पांचों को बेहतर इलाज के लिए डालटनगंज सदर अस्पताल में भेज दिय है।
स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप
घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। जिले के सिविल सर्जन डा. कलानंद मिश्रा ने बताया कि पाटन में रोटा वायरस वैक्सीन की खेप अभी तक नहीं पहुंचायी गयी थी। बच्चों को कौन सा टीका दिया गया, इसकी जांच के लिए पाटन स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी और प्रखंड बीपीएम को मौके पर भेजा गया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी। इलाजरत बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। समय पर सभी बच्चों का इलाज किया जाता तो उनकी भी जान बचायी जा सकती थी।
विधायक ने सुनी पीड़ितों की फरियाद
इधर, घटना की सूचना मिलने पर छत्तरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर लोइंगा पहुंचे। सड़क जाम कर बैठे ग्रामीणों और पीड़ितों से वार्ता हु । विधायक ने कहा कि बच्चों की मौत के जिम्मेवार जो भी होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। चूक कहां से हुई इसकी जांच करायी जायेगी। डा. अभय कुमार के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम मामले की जांच करेगी।
मृतक के परिजनों को एक-एक लाख देगी सरकार
घटनास्थल पर से ही विधायक ने सीएम रघुवर दास से संपर्क साधा, लेकिन उनकी बात सीएम के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल से हु । विधायक को श्री वर्णवाल ने बताया कि तीन घंटे के भीतर पलामू के उपायुक्त के माध्यम से एक-एक लाख रुपये का चैक मुख्यमंत्री राहत कोष से मृत बच्चों के परिजनों को दिया जायेगा। इसके अलावा जो गंभीर हैं उनका समुचित इलाज भी कराया जायेगा। विधायक द्वारा राज्य की स्वास्थ्य सचिव निधि खरे से भी बात हुई। उन्होंने घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि निदेशक स्वास्थ्य सुमंत मिश्रा के नेतृत्व में इस मामले की जांच करायी जायेगी और अगर इसमें उपस्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत एएनएम सहित अन्य सरकारी कर्मी दोषी पाए गए तो तीन महीने के भीतर उन्हें सजा दे दी जायेगी। साकारात्मक वार्ता के बाद ग्रामीण सड़क जाम हटाने को तैयार हुए।
टीका सील, जांच के लिए आयेगी राज्यस्तरीय टीम
इधर, जिस टीके को बच्चों को दिया गया था, उसे प्रशासन अपने कब्जे में ले लिया। इसकी जांच के लिए राज्यस्तरीय टीम आयेगी। जांच के बाद स्पष्ट होगा कि इंजेक्शन एक्सपायरी था या फिर उसमें और किसी तरह की परेशानी थी।
इन बच्चों की हु मौत
उपेन्द्र ठाकुर के पुत्र उज्जवल कुमार, संतोष यादव की पुत्र सोनी कुमारी और धीरेन्द्र भुइयां के पुत्र आर्यन कुमार तथा संतोष यादव के पुत्र आयुष यादव,की मौत हुई है। सभी की उम्र डेढ़ वर्ष या इससे थोड़ा कम है।
ये बच्चे हैं अक्रांत
टीका लगाए जाने के बाद मनवीर पासवान के पुत्र प्रभात कुमार, सकेन्द्र यादव के पुत्र निरंजन कुमार, नारद यादव के पुत्र चमरीता कुमारी और सत्येन्द्र यादव की पुत्री प्रेरणा कुमारी।
Latest News
Lieliska balona piedzīvojuma pozīcija hitnspin pieteikšanās datorā H5G laikā Harbors reklāmas pasākuma laikā
Raksti
Kas nav saistīts ar kādu citu spēļu automātu, bet iedomājieties, ka iegūstat maksimālu uzvaru uz desmit hitnspin pieteikšanās datorā dolāru likmi – tā, visticamāk, iztērēsiet desmit tūkstošus dolāru. Šajās piedzīvojumu iedvesmotajās ostās ir vienkārši viss, ko var piedāvāt kādam, kurš atgriežas. Tomēr jums nav jāspēlē viens un tas pats spēļu automāts visu laiku, tāpēc jums vajadzētu pieminēt šo lielo spēļu automātu industrijas kategoriju. (more…)
Latest News
1 250+ Spielautomaten Online Glücksspiel Slots kostenlos abzüglich Eintragung vortragen
Sic profitierst Du durch dem Effizienz, wirklich so Respons nebensächlich Echtgeld obsiegen ferner lohnenswert zulassen kannst. Unter anderem sie sind diese WMS Spiele auf diese weise für etliche Glücksspieler maßgeblich spannender. (more…)
Latest News
Akcijas hitnspin kontakts Latvijā Spēles
Mūsu vestibilā ir pieejams plašs sadaļu klāsts, sākot no klasiskām klasiskajām pieslēgvietām līdz Megaways un beidzot ar modernām video spēļu automātu spēlēm, kas piedāvā inovatīvus risinājumus, lai palielinātu jūsu peļņu. Spēļu fanātiķi var kļūt arī par daļu no valsts populārākās tiešsaistes spēles, kas piedāvā augstas atdeves spēlētājam (RTP) likmes, laimestu izmaksas, papildu bonusa pirkumus un daudz ko citu. (more…)
