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झामुमो-कांग्रेस की बनेगी सरकारःहेमंत
लोकसभा चुनाव भी साथ-साथ लड़ने का ऐलान, 10 सीट पर कांग्रेस व 4 सीट पर झामुमो लड़ेगा, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा व छत्तीसगढ़ में भी सहयोग का करेंगे
रांची,5जुलाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के बीच राज्य में लोकप्रिय सरकार बनाने को लेकर आज सहमति बन गयी है। दोनों ही दल आगामी लोकसभा चुनाव भी आपस में मिलकर लड़ेंगे।
नई दिल्ली में कांग्रेस के आला नेताओं से बातचीत के बाद हेमंत सोरेन ने आज इस आशय की घोषणा करते हुए बताया कि सरकार बनाने के लिए 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और जल्द ही राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा मिलकर चुनाव लड़ेंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने बताया कि कांग्रेस राज्य की 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं झामुमो चार लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा।
हेमंत सोरेन ने बताया कि जिस तरह से झारखंड में पिछले साढ़े पांच वर्षाे से अधिक समय से राष्ट्रपति शासन चल रहा था, पार्टी ने हमेशा लोकप्रिय सरकार गठन के गठन के लिए पहल किया और मीडिया के माध्यम से राज्य ही नहीं पूरे देश को यह संदेश देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन सरकार के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया था और पार्टी प्रभारी बी.के.हरिप्रसाद समेत अन्य कांग्रेस नेताओं से बातचीत के बाद गठबंधन सरकार गठन की सहमति बन गयी है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही वे रांची वापस लौट कर सरकार गठन का दावा पेश करेंगे।
इधर,झारखंड के कांग्रेस प्रभारी बी.के.हरिप्रसाद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कांग्रेस और झामुमो आगामी लोकसभा चुनाव मिलकर चुनाव लड़ेंगे। 10 सीटों पर कांग्रेस और चार सीटों पर झामुमो उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार में भी झामुमो के साथ सहयोग की बात कही गयी है।
सरकार के स्वरुप का खुलासा नहीं
कई अड़चनों पर अभी चुप्पी
झारखंड में सरकार गठन के स्वरुप में आज नई दिल्ली में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं के बीच सहमति बन गयी है, लेकिन अब भी सरकार के स्वरुप का पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है। मंत्रिमंडल में किन-किन लोगों को शामिल किया जाएगा, किन विधायकों ने बिना शर्त्त समर्थन देने की घोषणा की है और राजद को समर्थन के एवज में क्या मिलेगा, इसका अब तक खुलासा नहीं हो पाया है।
राजनीतिक जानकारों से मिल रही सूचना के मुताबिक सरकार गठन में अब भी कई अड़चनें है। कांग्रेस के आला नेता सरकार में निर्दलीय विधायकों को शामिल करने को तैयार नहीं है, लेकिन कुछ निर्दलीय विधायक मंत्र्ाी पद पाने के लिए अब भी जोड़-तोड़ में जुटे है। वहीं नई दिल्ली में पिछले तीन-चार दिनों से डेरा डाले झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन का अब तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं हो पायी है। आज हेमंत सोरेन के बाद प्रदेश प्रभारी बी.के.हरिप्रसाद भी प्रेस ब्रिफिंग करने वाले थे, लेकिन उन्होंने मीडियाकर्मियों का सामना करने के बजाय प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी जिम्मेवारी से मुक्त हो गये।
इधर, निर्दलीय विधायक एनोस एक्का की ओर से आज रांची में बताया गया है कि सरकार गठन को लेकर अब तक लिखित रुप से उनकी ओर से कोई समर्थन पत्र्ा नहीं जारी किया गया है। वहीं नई दिल्ली में जमे निर्दलीय बंधु तिर्की ने पत्र्ाकारों से बातचीत में कहा कि सरकार को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायकों को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। वहीं एक अन्य निर्दलीय विधायक चमरा लिंडा ने कहा है कि उन सबों की ओर से अपने एजेंडा से झामुमो-कांग्रेस नेताओं को अवगत करा दिया गया है, सरना कोड, स्थानीयता का मुद्दा, पलायन व समन्वय के मसले पर ॰ष्टिकोण साफ कर दिया गया है। हालांकि निर्दलीय विधायक विदेश सिंह ने बिना शर्त्त समर्थन देने की बात कही है, जबकि निर्दलीय गीता कोड़ा की ओर से अब तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की गयी है, वहीं एक अन्य निर्दलीय विधायक हरिनारायण राय ने कहा है कि पहले कांग्रेस-झामुमो अपनी स्थिति स्पष्ट कर दें, तब वे अपना रुख स्पष्ट करेंगे।
झामुमो के साथ समझौते से कांग्रेस में बगावत
स्टीफन ने पद छोड़ने की दी चेतावनी, 8 को आलमगीर-स्टीफन समेत कई नेता रांची में बैठक कर बनाएंगे विरोध की रणनीति
झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ मिलकर सरकार गठन के निर्णय के साथ ही कांग्रेस पार्टी के अंदर बगावत के स्वर खुलकर सामने आ गये है। संताल परनगा प्रमंडल के कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी ने विरोध स्वरुप पद छोड़ने की धमकी दी है।
स्टीफन मरांडी ने आज रांची में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झामुमो की राजनीतिक विश्वासनीयता कभी नहीं रही है, समझौता के बाद भी झामुमो द्वारा अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया जाता है, इस बात की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी है,कई मौके पर झामुमो ने धोखा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उनके घोर प्रतिद्वंदी के साथ समझौता कर लिया जाएगा और समझौते के तहत उन्हें चुनाव भी लड़ने का अवसर नहीं मिलेगा,तब वे पार्टी के अंदर कैसे काम कर सकेंगे।
कांग्रेस समर्थन देगी, झामुमो के नेतृत्व में बनेगी सरकारःसुखदेव भगत
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कहा है कि राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में सरकार बनेगी और पार्टी समर्थन देगी।सुखदेव भगत ने कहा कि पार्टी हाईकमान की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि झामुमो और कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्र्ाी कौन होगा, इसका फैसला झामुमो को करना है,क्योंकि झामुमो के नेतृत्व में सरकार बन रही है। गठबंधन के लिए विधायकों के समर्थन के मुद्दे पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में सुखदेव भगत ने कहा कि आवश्यक संख्या का जुगाड़ हो जाएगा।
पूरा आंकड़ा एकत्र करने के बाद दावा करेंगेःहेमंत सोरेन
झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल के नेता और भावी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार बनाने के लिए पूरा आंकड़ा एकत्र कर लेने के बाद ही वे राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से समर्थन का आश्वासन दिया गया है, राजद ने भी समर्थन देने की बात कही है, जबकि कई अन्य विधायकों ने भी समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। सबकुछ तय हो जाने के बाद वे राजभवन जाकर सरकार गठन का दावा करेंगे।
हेमंत के नेतृत्व में बनने वाली सरकार को समर्थनःलालू
राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद ने स्पष्ट कर दिया है कि झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बनने वाली सरकार को उनकी पार्टी के पांच विधायकों का समर्थन प्राप्त होगा। पटना में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस व राजद गठबंधन की सरकार झारखंड में बनेगी और इस सरकार को अन्य निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त होगा।
राजनीतिक परिपक्वता की कमी के कारण अस्थिरताःनथवाणी
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने कहा है कि राज्य में राजनीतिक परिपक्वता की कमी के कारण अलग झारखंड राज्य बनने के 12वर्षाें बाद भी अस्थिरता का दौर कायम है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग विकास के नाम पर वोट नहीं कर जातीय व अन्य मुद्दों पर वोट करते है,जिसके कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत मिलने से ही स्थिर सरकार बनेगी और विकास की गति में तेजी आएगी।
सहयोगी राजग छोड़ रहे हैं,नई पार्टियां संप्रग में आ रह हैंःहरिप्रसाद
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और झारखंड कांग्रेस प्रभारी बी.के.हरिप्रसाद ने कहा है कि एक ओर जहां सहयोगी राजग को छोड़ रहे हैं, नई पार्टियां संप्रग में आ रही हैं। झामुमो के साथ तालमेल को लेकर हरिप्रसाद की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों पार्टियों ने ’धर्मनिरपेक्ष एवं प्रगतिशील मूल्यों की सुरक्षा करने और बढ़ावा देने और समाज के कमजोर तबकों के और अधिकारसंपन्न बनाने के लिए’ गठबंधन बनाने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस और झामुमो ने 2004 का लोकसभा चुनाव मिल कर लड़ा था। भाकपा और राजद भी इस महागठबंधन में शामिल थे। इसने तब 14 में से 13 सीटें अपनी झोली में डाली। 2009 में अगले चुनाव में उन्होंने अलग अलग चुनाव लड़ा था। तब कांग्रेस एक और झामुमो बस दो सीटें जीत पाई थी ।
झारखंड विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराए जाएंःभाजपा
भाजपा ने आज कहा कि झारखंड में सरकार बनाने के लिए जेएमएम और कांग्रेस के बीच हुआ समझौता ’अवसरवादी और अनैतिक“ है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजीव प्रताप रुढ़ी ने आज नई दिल्ली में पत्र्ाकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में स्थिर शासन लाने के लिए वहां नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने चाहिए। उन्होंने कहा कि झामुमो और कांग्रेस यह गठबंधन एक अवसरवादी और अनैतिक गठबंधन है। झारखंड में पिछले 12 साल में 9 सरकारें बन चुकी हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेएमएम और कांग्रेस के बीच प्रस्तावित गठबंधन ’लेन-देन’ पर आधारित है। इसमें विश्वसनीयता की कमी है और यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है।“ भाजपा ने ने मांग की कि झारखंड विधानसभा को भंग करके नए चुनाव कराए जाएं जिससे कि वहां एक स्थिर सरकार का रास्ता साफ हो सके जिसकी इस राज्य को सख्त जरुरत है।
सलाहकार परिषद की तर्ज पर बनेगी समन्वय समिति
झारखंड में सरकार चलाने के लिए घटक दलों की समन्वय समिति बनेगी। इसकी भूमिका कैबिनेट के बराबर होगी। कांग्रेस का कोई राष्ट्रीय नेता इसका अध्यक्ष होगा। समन्वय समिति की बैठक में चर्चा के बाद ही कोई एजेंडा कैबिनेट में पेश हो सकेगा। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद व झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन के बीच हुई बातचीत में यह फैसला लिया गया। दोनों नेताओं ने केंद्र में गठित सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली सलाहकार परिषद की तरह ही राज्य समन्वय समिति को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
समन्वय समिति गठित करने का प्रस्ताव राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सरकार गठन के शुरुआती दौर में ही दिया था। लालू का कहना था कि इसका स्वरुप यूपीए वन के दौरान गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की तर्ज पर ही रखा जाए। यूपीए सरकार ने मनरेगा और राइट टू इंफॉर्मेशन जैसे कानून सलाहकार परिषद की अनुशंसा पर ही लागू किए थे। हालांकि राज्य में गठित होने वाली समन्वय समिति में राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की तरह गैर राजनीतिक विशेषज्ञ नहीं होंगे। यह समिति घटक दलों के नेताओं को मिलाकर बनेगी।
कांग्रेस के मंत्रिमंडल में शामिल होने पर संशय
आंकड़ा जुटाने का जिम्मा झामुमो को, साझा कार्यक्रमों का एलान
झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने आज नई दिल्ली में गठबंधन सरकार बनाने की घोषणा की, लेकिन कांग्रेस पार्टी मंत्रिमंडल में शामिल होगी या नहीं, इसे लेकर अब भी संशय कायम है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों का दावा है कि इसकी घोषणा रांची में की जाएगी। कांग्रेस ने सरकार के बजाय लोकसभा चुनाव में झामुमो के साथ सीटों के तालमेल पर ज्यादा ध्यान दिया है। इसके साथ-साथ कांग्रेस अगले लोकसभा चुनाव में झारखंड से सटे प्रदेशों बिहार, पश्चिम बंगाल,उड़ीसा, छत्तीसगढ़ में झामुमो का उपयोग चुनाव अभियान के क्रम में आदिवासी वोटरों को रिझाने के लिए करेगी। कांग्रेस ने सरकार बनाने के एवज में लोकसभा चुनाव में 10 सीटों पर अपना दावा किया है जबकि झामुमो को तालमेल में महज चार सीटें मिलेंगी। बीके हरिप्रसाद ने कहा है कि सरकार के लिए जरुरी आंकड़ा झामुमो को जुटाना है।
इससे पहले झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। पहले तय था कि कांग्रेस के नेताओं के साथ वे संयुक्त रुप से नए समीकरण की घोषणा करेंगे लेकिन कांग्रेस ने इससे परहेज करते हुए एक विज्ञप्ति जारी कर दी।
हेमंत की सोनिया से नई हुई मुलाकात
झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन की शुक्रवार को भी सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं हो सकी। गुरुवार को भी हेमंत सोरेन ने 10, जनपथ रोड में यूपीए अध्यक्ष से मुलाकात की प्रतीक्षा में करीब एक घंटा बिताया। झामुमो का कहना था कि सरकार के गठन की घोषणा यूपीए अध्यक्ष ही करेंगी लेकिन शुक्रवार को भी हेमंत सोरेन को निराशा हाथ लगी। उनके साथ कांग्रेस का कोई नेता सामने नहीं आया। अलबत्ता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अनूप सिंह आदि उनके साथ कांग्रेस मुख्यालय में जरुर दिखे।
हेमंत आज वापस लौटेंगे,भव्य स्वागत की तैयारी
झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन के शनिवार को राजधानी रांची वापस लौटने की संभावना है। मुख्यमंत्री के रुप में जिम्मेवारी संभालने की सहमति बन जाने के बाद रांची लौट रहे हेमंत सोरेन के भव्य स्वागत की गयी है। पार्टी नेताओं ने कहा कि हेमंत सोरेन के रांची आगमन पर उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया जाएगा।
शिबू सोरेन के आवास पर कार्यकर्त्ताओं का जुटान
झारखंड में सरकार गठन पर सहमति बनने पर सहमति बन जाने के साथ ही रांची स्थित झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के सरकारी आवास पर पार्टी कार्यकर्त्ताओं की भीड़ जुटने लगी। झामुमो सुप्रीमो से मिलने आज पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू, हाजी हुसैन अंसारी, मथुरा प्रसाद महतो अन्य नेताओं ने भी मुलाकात की और ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा की।
कांग्रेस ने राजद से किनारा किया
कांग्रेस पार्टी ने सरकार गठन के लिए आज झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साथ तालमेल करने का निर्णय लिया, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल से कांग्रेस पार्टी ने किनारा कर लिया गया है। बिहार की राजनीति को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने आज यह स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी राजद के साथ जाना चाहती है। बताया गया है कि सरकार को समर्थन देने के एवज में राजद की ओर से राज्य में भी सीटों के तालमेल का दबाव बनाने की कोशिश की गयी,लेकिन कांग्रेस ने इस दबाव को ठुकरा दिया।
राजनीतिक स्थिरता के लिए सरकार का गठन- मनीष तिवारी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि राज्य में राजनीतिक स्थिरता के लिए सरकार गठन को लेकर पहल की गयी है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में मनीष तिवारी ने कहा कि झारखंड में पिछली सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया था और झामुमो के समर्थन वापस लेने के कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब राज्य में स्वच्छ शासन देने के लिए सरकार गठन की पहल की गयी है।
सरकार गठन का स्वागतःसुबोधकांत
पूर्व केंद्रीय मंत्री और रांची के सांसद सुबोधकांत सहाय ने भी राज्य में लोकप्रिय सरकार गठन के पहल का स्वागत किया है। सुबोधकांत सहाय ने कहा कि झारखंड विधानसभा का दिसंबर 2014 में चुनाव होना तय है, इससे पहले लोकसभा के चुनाव होने वाले है, इसे देखकर पार्टी की ओर से आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी झामुमो के साथ तालमेल किया गया है।
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