रांची,2जुलाई। राज्य सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के दो नये सदस्यों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि जेपीएससी में सदस्य के पद पर 02 प्राध्यापकों को नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई। उन्होंने बताया कि बैठक में राज्य विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के पद पर हाल ही में केंद्रीय शिक्षा सचिव के पद से सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1981 बैच के अधिकारी अनिल स्वरुप की नियुक्ति की गयी है। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त होगा।
उत्तराधिकारों को 50लाख का मुआवजा सीओ के प्रमाण पत्र से ही
राज्य मंत्रिपरिषद ने मृतक पंचाटी अवॉर्डी के उत्तराधिकारियों को भू अर्जन अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा के भुगतान के लिए उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के प्रस्ताव की मंजूरी दी । इस मंजूरी के पूर्व में वैध रैयत होने के प्रमाण पत्र के आधार पर मृतका पंचाटी के उत्तराधिकारी उत्तराधिकारियों को 10 लाख रुपए मात्र की मुआवजा राशि सक्षम न्यायालय से उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना भुगतान किया जाता था। मंत्रिपरिषद के वर्तमान मंजूरी के बाद मृतक पंचाटी के उत्तराधिकारी व उत्तराधिकारियों को प्रति पंचायती 50 लाख रुपए मात्र तक के मुआवजा राशि बिना सक्षम न्यायालय के उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना भुगतान किए जा सकेगा। साथ ही मृतक पंचाटी के उत्तराधिकारियों को भू अर्जन अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा के भुगतान के लिए उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र और अंचल कार्यालय से अंचलाधिकारी द्वारा प्रदत्त वैध एवं मान्य रैयत प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया हो। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी इस स्थिति में सर्वप्रथम मृतक पंचाटी के वास्तविक उत्तराधिकारी व उत्तराधिकारियों के विषय में पूरी जांच कर लेंगे इस आधार पर उपायुक्त संतुष्ट हो जाए तो मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा
प्रौद्य्नोगिकी विवि के लिए 92पद सृजित
झारखंड प्रौद्य्नोगिकी विश्वविद्य्नालय रांची के लिए 92 पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। इसके अलावा कुलपति व निबंधक समेत अन्य पद शामिल है। वहीं डाटा इंट्री ऑपरेटर के 13 पद आउटसोर्सिंग से भरे जाएंगे।
एससी आयोग के लिए विशेधक
राज्य मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जातियों के लिए राज्य आयोग विधेयक 2018 के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई। इसे आगामी मॉनसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके तहत झारखंड अनुसूचित जाति आयोग के गठन को लेकर नियमावली अन्य प्रावधान तय किये गये है।
अमृत योजना के लिए 1179करोड़ मंजूर
केंद्र प्रायोजित योजना अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के अंतर्गत धनबाद, रांची,हजारीबाग व आदित्यपुर स्थानीय निकाय के लिए 1179करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी। धनबाद शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 148 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं आदित्यपुर शहरी जलापूर्ति के लिए 363करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। हजारीबाग जलापूर्ति पर योजना के कार्यान्वयन के लिए पूर्व में स्वीकृत प्राक्कलित राशि 300 करोड़ 01 लाख 75 हजारघ् को रद्द करते हुए वर्तमान प्राक्कलित राशि 407 करोड़ 18 लाख 06 हजार रुपए की लागत पर परियोजना के कार्यान्वयन की प्रशासनिक स्वीकृति मंत्रिपरिषद ने दी। वहीं रांची जल आपूर्ति परियोजना (फेज-1) के कार्यान्वयन के लिए पूर्व में स्वीकृत प्राक्कलित राशि 148 करोड़ 06 लाख 03 हजार रुपये को रद्द करते हुए योजना के विस्तारित आवृत क्षेत्र के अनुसार वर्तमान प्राक्कलित राशि 261 करोड़ 43 लाख 02 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
नगरपालिका नियामक आयोग का गठन
बैठक में झारखंड नगरपालिका नियामक आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य के वेतन भत्ते, अन्य सेवा शर्तें तथा बजट, लेखा एवं अंकेक्षण नियमावली -2018 की स्वीकृति दी गई। वहीं बिहार बाल श्रमिक (प्रतिषेध एवं विनियमन) नियमावली, 1995 में संशोधन की स्वीकृति दी गई। एक अन्य प्रस्ताव में कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्य्नालयों में शिक्षण कार्य के लिए तत्कालीन व्यवस्था के आधार पर चयनित अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने की अवधि विस्तार की स्वीकृति दी की गयी। जबकि झारनेट परियोजना के क्रियान्वयन एवं 05 वर्षों के संचालन, रख-रखाव एवं संचालन के लिए 286.22 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में 85.61 मंजूरी दी गयी।
पांच वर्ष पुराने मामलों की पहचान के लिए कोषांग
झारखंड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखंड उच्च न्यायालय एवं जिला ज्यूडिशियरी में 5 वर्षों से अधिक पुराने मामलों की पहचान के लिए गठित कोषांग के लिए झारखण्ड न्यायिक सेवा में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) स्तर के उप निबंधक (न्यायिक) के 01 पद तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के सहायक निबंधक (न्यायिक) के 02 पदों की सृजन की स्वीकृति दी गई। एक अन्य प्रस्ताव में झारखंड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखंड उच्च न्यायालय में जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के सहायतार्थ एक सचिवालय स्थापना के लिए सहायक निबंधक (न्यायिक) के लिए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) संवर्ग में एक पद के सृजन की स्वीकृति दी दी गयी।
सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारियों व पारिवारिक पेंशनरों के मूल पेंशन में 30प्रतिशत की वृद्धि
राज्य के सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारियों एवं पारिवारिक पेंशनरों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के आलोक में अंतरिम राहत के तहत मूल पेंशन में 30 अभिवृद्धि किए जाने की स्वीकृति मंत्री परिषद द्वारा दी गई .जबकि झारखंड विधानसभा सचिवालय में नियुक्तियों एवं प्रोन्नतियो में बरती गई अनियमितताओं की जांच के लिएएक सदस्य जांच आयोग के अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।