सत्तारुढ़ भाजपा-आजसू गठबंधन को झटका , दोनों पूर्व विधायक की पत्नियां जीती
रांची,31मई। झारखंड में सिल्ली और गोमिया विधानसभा उपचुनाव में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी और आजसू पार्टी गठबंधन को झटका लगा है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विपक्षी महागठबंधन की बदौलत अपनी दोनों सीटों को बचाने में कामयाबी हासिल की है और दोनों पूर्व विधायकों की पत्नियों ने जीत हासिल की।
सिल्ली विधानसभा उपचुनाव में कुल 147517 वोट में से झामुमो की सीमा देवी को कुल 77129 वोट मिलें, जबकि सुदेश महतो को 63619 वोट मिलें। वहीं नोटा का भी 2357 लोगों ने प्रयोग किया। सीमा देवी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी आजसू पार्टी के सुदेश महतो को 13510 वोटों से पराजित किया।
गोमिया विधानसभा उपचुनाव में झामुमो की बबीता देवी ने आजसू पार्टी के लंबोदर महतो को 1344 वोट से पराजित किया, वहीं भाजपा के माधवलाल सिंह तीसरे नंबर पर रहे। बबीता देवी को 60551 वोट, आजसू पार्टी के लंबोदर महतो 59207 और भाजपा के माधवलाल सिंह को 42037 मत प्राप्त हुए, वहीं नोटा का भी 3851 लोगों ने प्रयोग किया।
विपक्षी एकता से झामुमो को मिली जीत
सिल्ली और गोमिया विधानसभा उपचुनाव में झामुमो उम्मीदवारों को कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल, माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी समेत अन्य वाम दलों ने समर्थन दिया था और इन सभी दलों के नेताओं ने भी झामुमो प्रत्याशी के पक्ष में कई चुनावी सभाएं की थी।
आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो को झटका
सिल्ली विधानसभा उपचुनाव में सत्तारुढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल आजसू पार्टी प्रमुख सह राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो को तगड़ा झटका लगा है। यहां भाजपा ने आजसू पार्टी को समर्थन दे रखा था और भाजपा की ओर से उम्मीदवार नहीं उतारा गया था। वर्ष 2014 की अपेक्षा इस बार के चुनाव में सुदेश महतो वोट प्रतिशत में थोड़ी बढ़ोत्तरी जरुर हुई, लेकिन पूर्व झामुमो विधायक अमित महतो की पत्नी सीमा देवी से लगातार दूसरी बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले अलग राज्य गठन के बाद 2000 से लेकर 2014 तक अधिकांश समय तक सुदेश महतो को भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में मंत्री व उपमुख्यमंत्री के रुप में काम करने का मौका मिला और अपने क्षेत्र में किये गये विकास कार्यां के भरोसे इस बार उन्हें जीत की उम्मीद थी।
गोमिया में सीएम के सघन चुनाव प्रसार के बावजूद भाजपा तीसरे स्थान पर
गोमिया विधानसभा उपचुनाव में सत्तारुढ़ भाजपा-आजसू पार्टी के बीच दोस्तानां संघर्ष हुआ। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भाजपा प्रत्याशी माधवलाल सिंह के पक्ष में लगातार तीन दिनों तक चुनावी सभा की और चुनाव प्रचार समाप्त होने के दिन भी गोमिया में लगातार दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया, इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी माधव लाल सिंह तीसरे स्थान पर चले गये। वहीं हाल ही में झारखंड प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर चुनाव मैदान में उतरने वाले आजसू पार्टी प्रत्याशी लंबोदर महतो ने झामुमो की सीमा महतो को कड़ी टक्कर दी और महज 1344 वोटों के अंतर से हारे। लंबोदर महतो के पक्ष में आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह राज्य के जलसंसाधन मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने भी कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया।
सजा के बाद सदस्यता रद्द होने से हुआ उपचुनाव
सिल्ली और गोमिया दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायकों की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण उपचुनाव कराया गया।वर्ष 2014 में सिल्ली से विजयी झामुमो विधायक अमित महतो को रांची की एक अदालत ने प्रशासनिक काम में बाधा पहुंचाने, अधिकारियों के साथ मारपीट व अन्य मामलों को लेकर दो वर्ष की सजा सुनायी थी, वहीं गोमिया के झामुमो विधायक योगेंद्र महतो को रामगढ़ की एक अदालत ने कोयला चोरी के एक पुराने मामले में दो साल की सजा सुनायी थी, जिसके कारण दोनों की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गयी थी।