गैर आदिवासियों के जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया को आसान बनाने पर दिया जोर
दुमका,5जनवरी। झारखंड राज्य जनजातीय परामर्शदात्री समिति (टीएसी) की उप समिति की आज दुमका स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। समाज कल्याण विभाग की मंत्री डाक्टर लोईस मरांडी की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए। इस मौके पर समाज कल्याण मंत्री डा0 लुईस मरांडी ने कहा कि झारखंड विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। राज्य और समाज का विकास सभी के सहयोग से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि समाज और राज्य के विकास में आम लोगों का सुझाव महत्वपूर्ण है। इसलिए आज संतालपरगना के प्रमंडलीय मुख्यालय दुमका में इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है जिसमे शहर के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में दो कमिटि बनाई गई है। सरकार द्वारा गठित पहली कमिटि राज्य में आदिवासियों की घटती संख्या पर विचार विमर्श कर रही है। इसके अध्यक्ष ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा बनाये गये है। प्रथम कमेटी इस गंभीर मुद्दे पर कार्य कर रही हैं। जबकि उनकी अध्यक्षता में गठित दूसरी कमेटी जमीन से संबंधित समस्याओं के मसले पर कार्य कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में जो विकास हुआ है वह आज सबके सामने है। सरकार ने विकास की एक नई लंबी लकीर खींची है। सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन को कोई उनसे नहीं छीन सकता। कुछ लोग उन्हें गुमराह कर रहे हैं। आदिवासियों की जमीन को छीन कर उन्हें बेघर कर सरकार विकास नहीं कर सकती।
इस अवसर पर टीएसी के उप समिति के सदस्य जे बी तुबिद ने कहा कि कानून ऐसा हो जो जन उपयोगी हो और इसके लिए कानून को समय के साथ परिवर्तनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों के हित में लगातार कार्य कर रही है। सरकार आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि संताल परगना टेंनेसी एक्ट में किये गये प्रावधान की चर्चा करते हुए कहा कि अगर कोई गैर आदिवासी अपनी जमीन अपनी बेटी या किसी को अन्य को स्थानांतरित करना चाहता है तो ऐसा वह नहीं कर सकता है। इससे कई बार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस तरह की समस्या को ध्यान में रखते हुए आमलोगों के विचार जानने के लिए यह समिति आपलोगों के बीच आई है। उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष संथाल परगना क्षेत्र से जमीन की समस्या से संबंधित कई ज्ञापन आते रहे हैं जिसमें गैर जनजातीय समुदाय के जमाबंदी रैयत द्वारा यह अनुरोध किया गया था कि वह एसपीटी एक्ट के प्रावधानों के तहत अपनी जमीन को न ही बेच सकते हैं ना ही खरीद सकते हैं। इसी क्रम में सरकार और टीएसी द्वारा यह निर्णय लिया गया कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बैठक कर इस समस्या के निदान के मामले में जन भावना के अनुरुप आगे बढ़ने की आव यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है।
इसमें मुख्य रुप से पूर्व मंत्री कमलाकांत सिन्हा उर्फ लालू दा,झारखंड राज्य बार कौंसिल के सदस्य गोपे वर प्रसाद झा,दुमका जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव राघवेन्द्र नाथ पांडेय,सदान एकता परिशद के केन्द्रीय अध्यक्ष राधे याम वर्मा,कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार सोनी,भाजपा नेता जवाहर प्रसाद मिश्र,सरकारी अधिवक्ता अरुण कुमार सिन्हा उर्फ मुन्ना जी,वरीय अधिवक्ता भौलेन्द्र नारायण समाज सेवी रामनारायण भगत,प्रभात चन्द्र सहित कई प्रमुख लोगों ने बैठक में मुख्य रुप से गैर आदिवासियों की जमीन के हस्तांतरण के मसले पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किये और गैर आदिवासी रैयतों को आसानी से अपनी जमीन हस्तांतरण करने का अधिकार दिये जाने की आव यकता पर जोर दिया।