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विद्यलय चलें-चलाये अभियान की शुरुआत
रांची,8अप्रैल। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के आग्रह को स्वीकार करते हुए घोषणा की कि राज्य के पांच जिले रांची, पलामू, दुमका, चाईबासा और हजारीबाग में कंपोजिट स्कूल शुरु किये जायेंगे। इन स्कूलों में निजी स्कूल की तरह ही सारी सुविधाएं होंगी और बच्चों को लाने-ले जाने के लिए बस सेवा भी रहेगी। वे खूंटी के कालामाटी में विद्यलय चलें-चलायें अभियान 2016 में मुख्य अतिथि के रुप में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि आई0आई0टी0 धनबाद (पहले आइ0एस0एम0) में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, आदिवासी छात्रों को अब कोई फीस नहीं देनी होगी। विद्य्नालयों में शिक्षकों के प्रमोशन को छात्रों की उन्नति के साथ जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब परिवार के सपने को पूरा करने के लिए प्रयत्नशील है। समाज को भी अपनी भूमिका निभानी है। स्कूल प्रबंधन समिति में छात्रों के माता-पिता को भी शामिल होना चाहिए। किसी प्रकार की कमी होने पर उस बात को प्रशासन तक पहुंचाने का काम करना चाहिए। इसके साथ ही शिक्षकों की जिम्मेदारी सबसे अहम है। एक परिवार अपना बच्चा और देश अपना भविष्य शिक्षक के पास सौंपते हैं। अतः शिक्षकों की जिम्मेदारी एवं योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शिक्षकों के योगदान से ही देश के विश्व गुरु बनने का सपना पूरा हो पायेगा।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल प्रबंधन का काम पंचायतों को देने पर विचार कर रही है। इससे स्कूलों में व्यवस्था और मॉनिटरिंग अच्छे तरीके से हो सकेगी। नियुक्ति एवं पाठ्यक्रम का काम सरकार अपने पास रखेगी। उन्होंने कहा कि सासंद, विधायक, अन्य जन प्रतिनिधि, अधिकारी, समाज के सक्षम लोग अपने नजदीकी किसी स्कूल को मॉडल स्कूल के रुप में विकसित करें। इससे झारखंड में शिक्षा के स्तर को उठाने के साथ विकास कार्यों में भी मदद मिलेगी। झारखंड के 30 हजार स्कूलों में बेंच-डेस्क नहीं है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से सभी स्कूलों में बेंच-डेस्क एक साल में उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता का आग्रह किया। अभी केंद्र सरकार ने इस काम के लिए 50 प्रतिशत राशि दी है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अभी भी दो लाख बच्चे ऐसे हैं, जो स्कूल नहीं जा रहे हैं। सरकार ने अपने स्तर पर आधारभूत संरचना सुधारने, शिक्षकों की नियुक्ति करने और गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में ठोस कदम उठाये हैं। अब समाज के हर तबके के बच्चों को स्कूल में नामांकन कराने और ड्रॉपआउट रोकने में सहयोग जरुरी है। खूंटी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बिगाड़नेवाले लोगों के खिलाफ खड़ी होनेवाली महिलाओं की सराहना करते हुए उन्होंने हर संभव मदद की बात कही। साथ ही कहा कि सभी के सहयोग से झारखंड को अपराधमुक्त बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में खूंटी सांसद कड़िया मुंडा, राज्य की स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री नीरा यादव और ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने भी लोगों को संबोधित किया। इस दौरान कांके विधायक जीतू चरण राम, विकास आयुक्त अमित खरे, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव अराधना पटनायक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनीष रंजन समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
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